11.साधारण सभा के अधिकार व कर्तव्य
(क) संस्था के पिछले वर्ष का वार्षिक विवरण प्रगति प्रतिवेदन स्वीकृत करना।
( ख) संस्था की स्थाई निधि वह संपत्ति की समुचित व्यवस्था करना।
( ग ) आगामी वर्ष के लिए लेखा परीक्षकों की नियुक्ती करना।
(घ )अन्य ऐसे विषयों पर विचार करना जो प्रबंध कारिणी द्वारा प्रस्तुत हो।
(च ) संस्था द्वारा संचालित अन्य अधीनस्थ संस्थाओं के आय व्यय पत्रको को स्वीकृत करना।
(छ) बजट का अनुमोदन करना।
12. प्रबंधकारिणी का गठन: नियम पाच अबस में दर्शाए गए सदस्यो जिनके नाम पंजीयन रजिस्टर में दर्ज हों, सामाजिक संगठन को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित संचालन करने के लिए नियमानुसार चार इकाइयों में समिति का गठन कर सकेंगे ट्रस्टिज यदि कोई हो तो समिति के पदेन सदस्य रहेंगे, नियम 5(अ, ब, स)में दर्शाए गये सदस्यों जिनके नाम पंजियक रजिस्टर में दर्ज हो, बैठक में बहुमत के आधार पर निम्नाकित तथा प्रबंधकरणी
समिति के सदस्यों का निर्वाचन होगा।
1.अध्यक्ष, 2.उपाध्यक्ष, 3.सचिव, 4.कोषाध्यक्ष, 5. संयुक्त सचिव।
13. प्रबंध समिति का कार्यकाल:
प्रबंध समिति का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। समिति का यथेष्ट कारण होने पर उस समय तक की गई प्रबंध कारिणी समिति का निर्माण नियमानुसार या अन्य कारणों से नहीं हो जाता करती रहेगी। किंतु उक्त अवधि 6 माह से अधिक नहीं होगी। जिसका अनुमोदन साधारण सभा से करना अनिवार्य होगा।
14. प्रबंध कार्यकारिणी के अधिकार व कर्त्तव्य: (क) जिन उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु समिति का गठन हुआ है उसकी पूर्ति करना और इस आशा की पूर्ति हेतु व्यवस्था करना।
( ख) पिछले वर्ष का हाईवे काले खा पूर्णता परीक्षित किया हुआ प्रगति प्रतिवेदन के साथ प्रतिवर्ष साधारण सभा की बैठक में प्रस्तुत करना।
(ग) समिति एवं उसके अधीन संचालित संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन तथा भत्ते आदि का भुगतान करना संस्था की चल अचल संपत्ति पर लगने वाले कल आदि का भुगतान करना।
( घ ) कर्मचारियों शिक्षकों अधिक नियुक्ति करना।
(च) आवश्यक कार्य करना जो साधारण सभा द्वारा समय-समय पर सौंप जाएं।
( छ) संस्था की समस्त चल अचल संपत्ति कार्यकारिणी समिति के नाम से रहेगी।
( ज ) संस्था द्वारा कोई भी स्थावर संपत्ति रजिस्टर की लिखित अनुशंसा के बिना विक्रय द्वारा या अन्यथा अर्जित या अंतरित नहीं की जा सकेगी।
(झ) विशेष बैठक आमंत्रित कर संस्था के विधान में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर साधारण सभा की विशेष बैठक में उसकी स्वीकृति हेतु प्राप्त करेगी। साधारण सभा के कुल सदस्य 2/3 मत संशोधित पारित होने पर उक्त प्रस्ताव पारित कर अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा।
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